
RERA खरीदारों के अधिकारों की रक्षा कैसे करता है, समय पर कब्ज़ा सुनिश्चित करता है और रियल एस्टेट को पारदर्शी बनाता है — पूरी गाइड।
!ज़रूरी बातें
- 1RERA के तहत खरीदार के 70% पैसों को एस्क्रो अकाउंट में कंस्ट्रक्शन के लिए रखना अनिवार्य है
- 2डिलीवरी में देरी होने पर बिल्डर को खरीदारों को ब्याज देना होगा
- 3बुकिंग राशि देने से पहले राज्य के RERA पोर्टल पर प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन नंबर ज़रूर सत्यापित करें
रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट (RERA) ने भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की एक नई मिसाल कायम की है। यह कानून खरीदारों को बिल्डरों की देरी, झूठे वादों और वित्तीय अनियमितताओं से सुरक्षा प्रदान करता है।
1. अनिवार्य प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन और एस्क्रो अकाउंट
RERA के तहत कोई भी बिल्डर या डेवलपर राज्य RERA अथॉरिटी में रजिस्ट्रेशन कराए बिना अपनी प्रॉपर्टी का विज्ञापन या बिक्री नहीं कर सकता। मुख्य बिंदु:
- 70% एस्क्रो नियम: खरीदारों से प्राप्त 70% धनराशि को एक अलग प्रोजेक्ट एस्क्रो खाते में जमा करना अनिवार्य है, जिसका उपयोग केवल ज़मीन और निर्माण कार्य के लिए होगा।
- प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी: फ्लोर प्लान, नक्शा, डिलीवरी डेट और लीगल मंज़ूरियों को RERA पोर्टल पर सार्वजनिक करना अनिवार्य है।
- मानकीकृत बिक्री समझौता: बिल्डरों द्वारा मनमाने ढंग से बनाए गए एकतरफ़ा समझौतों को खत्म कर दिया गया है।
2. प्रोजेक्ट देरी पर सख्त जुर्माना
अगर डेवलपर तय समय सीमा के भीतर कब्ज़ा देने में विफल रहता है:
- बिल्डर को हर महीने की देरी के लिए खरीदार को निर्धारित ब्याज दरों के साथ ह हर्जाना देना होगा।
- खरीदार चाहें तो प्रोजेक्ट से हटकर ब्याज सहित 100% रिफंड की मांग कर सकते हैं।
3. कारपेट एरिया का स्पष्ट मानक
RERA से पहले "सुपर बिल्ट-अप एरिया" के नाम पर खरीदारों से अधिक पैसा वसूला जाता था। RERA ने केवल कारपेट एरिया (वास्तविक इस्तेमाल की जगह) के आधार पर कीमत तय करने का नियम बनाया है।
4. 5 साल की स्ट्रक्चरल वारंटी
कब्ज़ा मिलने के 5 साल के भीतर अगर मकान के ढांचे (Structure) में कोई खराबी आती है, तो बिल्डर को बिना कोई अतिरिक्त शुल्क लिए उसे मुफ़्त में ठीक करना होगा।
निष्कर्ष
RERA ने प्रॉपर्टी खरीदारों के मन से डर को खत्म कर दिया है। किसी भी प्रॉपर्टी में निवेश करने से पहले आधिकारिक RERA पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नंबर की जाँच अवश्य करें।
SVI Legal Desk
जयपुर, नोएडा और DMIC कॉरिडोर में 15+ साल के एक्सपीरियंस वाला रियल एस्टेट एक्सपर्ट।
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