
जानिए दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर कैसे राजस्थान और दिल्ली-NCR में कमर्शियल व रेजिडेंशियल रियल एस्टेट को नई ऊँचाइयों पर ले जा रहा है।
!ज़रूरी बातें
- 1DMIC दिल्ली और मुंबई को जोड़ता है जिससे माल ढुलाई का समय 24 घंटे से कम हो गया है
- 2जयपुर-अजमेर रोड और नीमराना जैसे इलाकों में सालाना 12-16% प्रॉपर्टी वैल्यू बढ़ती है
- 3एक्सप्रेसवे के पास कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव्स और लॉजिस्टिक्स हब के कारण किराए की भारी माँग
दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) विश्व की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक है, जो फ्रेट कॉरिडोर के आस-पास की ज़मीनों को उच्च रिटर्न देने वाले रियल एस्टेट हब में बदल रही है।
1. इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति
छह राज्यों में 1,504 किलोमीटर तक फैला DMIC भारत की राजधानी को आर्थिक राजधानी से जोड़ता है। मुख्य कारण:
- हाई-स्पीड फ्रेट लॉजिस्टिक्स: माल ढुलाई का समय 14 दिनों से घटाकर 24 घंटे से भी कम कर दिया गया है।
- स्मार्ट इंडस्ट्रियल शहर: 30 लाख से अधिक नए रोज़गार पैदा करने वाले आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर।
- एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और जयपुर रिंग रोड से सीधी कनेक्टिविटी।
2. राजस्थान के प्रमुख रियल एस्टेट ज़ोन
DMIC प्रभाव क्षेत्र में आने वाले इलाकों में प्रॉपर्टी के दामों में तेज़ी से बढ़ोतरी हो रही है:
- जयपुर-अजमेर हाईवे कॉरिडोर: वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और रेजिडेंशियल टाउनशिप की भारी माँग।
- नीमराना और भिवाड़ी ज़ोन: जापानी इंडस्ट्रियल ज़ोन के कारण लक्ज़री रेंटल हाउसिंग की माँग।
- जगतपुरा और सीतापुरा एक्सटेंशन: IT और इंडस्ट्रियल प्रोफेशनल्स के लिए फ्लैट्स के दामों में 12-16% सालाना वृद्धि।
3. निष्कर्ष
DMIC कॉरिडोर के पास शुरुआती चरण में निवेश करना लंबी अवधि के लिए बेहतरीन संपत्ति निर्माण का अवसर प्रदान करता है।
SVI Market Research
जयपुर, नोएडा और DMIC कॉरिडोर में 15+ साल के एक्सपीरियंस वाला रियल एस्टेट एक्सपर्ट।
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