
अनिवासी भारतीयों (NRI) के लिए भारत में रेजिडेंशियल व कमर्शियल संपत्ति खरीदने की पूरी गाइड — FEMA नियम, टैक्स छूट और पैसा विदेश वापस ले जाने की प्रक्रिया।
!ज़रूरी बातें
- 1NRI बैंकिंग चैनलों (NRE/NRO) द्वारा भारत में रेजिडेंशियल व कमर्शियल प्रॉपर्टी आसानी से खरीद सकते हैं
- 2प्रतिवर्ष USD 10 लाख तक की बिक्री राशि बिना परेशानी विदेश ले जाई जा सकती है
- 3भारतीय दूतावास द्वारा एटेस्टेड पावर ऑफ अटॉर्नी से भारत में प्रॉपर्टी का आसानी से प्रबंधन किया जा सकता है
अनिवासी भारतीयों (NRI) और PIO के लिए भारत के रियल एस्टेट में निवेश करना मुद्रा लाभ, भावनात्मक जुड़ाव और तेज़ी से बढ़ते रिटर्न का बेहतरीन संयोजन प्रस्तुत करता है।
1. FEMA के तहत अनुमत संपत्ति के प्रकार
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और FEMA नियमों के तहत:
- NRI भारत में कोई भी रेजिडेंशियल या कमर्शियल संपत्ति स्वतंत्र रूप से खरीद सकते हैं।
- NRI बिना विशेष अनुमति के कृषि भूमि, फार्महाउस या प्लांटेशन ज़मीन नहीं खरीद सकते।
2. स्वीकृत भुगतान के तरीके
प्रॉपर्टी की खरीदारी केवल वैध बैंकिग चैनलों द्वारा की जा सकती है:
- NRE (Non-Resident External) खाता
- NRO (Non-Resident Ordinary) खाता
- FCNR खाता
3. टैक्स और रिपैट्रिएशन (पैसा वापस ले जाना)
- रेंटल इनकम: किराए पर 30% TDS कटता है, जिसे टैक्स रिटर्न भरकर कम किया जा सकता है।
- कैपिटल गेन्स टैक्स: 24 महीने से अधिक रखी गई प्रॉपर्टी पर 20% LTCG टैक्स लगता है।
- पैसा विदेश ले जाना: NRI बिक्री से प्राप्त राशि में से हर वित्त वर्ष USD 10 लाख तक आसानी से अपने विदेशी बैंक खाते में भेज सकते हैं।
SVI NRI Advisory Desk
जयपुर, नोएडा और DMIC कॉरिडोर में 15+ साल के एक्सपीरियंस वाला रियल एस्टेट एक्सपर्ट।
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